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2021-02-25

परमात्मा की प्राप्ति के उपाय |{5} विशिष्ट प्रार्थनाएँ


सच्चे प्रेम में परमेश्वर निवास करते हैं इसलिए सभी को प्रेम से रहना चाहिए और उस परमेश्वर की उपासना करनी चाहिए। प्रेम के बिना यह संसार कुछ नहीं है।प्रेम के  बिना मनुष्य की गति नहीं हो सकती और ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती

                                                            

परमात्मा की प्राप्ति के उपाय कैसे हो ? {5} विशिष्ट प्रार्थनाएँ


परमात्मा की प्राप्ति के उपाय

 

परमात्मा सब जगह है उनको सिर्फ और सिर्फ सच्चे मन की आंखों से देखा जा सकता है। जहां सच्चा प्यार होता है प्रेम भक्ति होती है वहां परमात्मा स्वयं: पहुंच जाते हैं। 

 

ऊं है हम सबका पूज्य

ऊं का पूजन करें, ऊं के ही ध्यान से हम शुद्ध अपना मन करे।


भगवान के करीब रहें।वह प्रेम है इसलिए यह हम पर बरसेगा।जब हम उसके करीब होंगे तो उसे सुनना आसान होगा और पवित्र आत्मा की अगुवाई करना आसान होगा। पवित्र आत्मा अपने फल के साथ हमारे पास रहेगा और वह हमें जरूरत के समय उनका अभ्यास करने के लिए मार्गदर्शन करेगा। 

 

भगवान सर्वोच्च हैं।हमे उसे प्राप्त करने के लिए उसके साथ जुड़ना होगा और ये तभी संभव है जब हम उच्चस्तर के कार्य करेंगे जैसे की किसी की मदद करना,किसी को न सताना जिससे हमारे ईश्वर हम पर खुश रहें मेरा मानना यह है के दुसरो की मदद करने से जो संतोष प्राप्त होता हैवह ईश्वर को पाने के समान है

 

ईश्वर प्रेम को प्राप्त करने के लिए मनुष्य के अंदर श्रद्धा और निःस्वार्थ भावना होनी चाहिए क्योंकि ईश्वर भाव के भूखे होते हैं उनको अपने भक्तो का सच्चा प्रेम चाहिए होता है

              
परमात्मा की प्राप्ति के उपाय कैसे हो ? {5} विशिष्ट प्रार्थनाएँ

 

परमेश्वर अनंतकाल तक रहेगा,यद्यपि मानव शरीर की रचना मिट्टी  से हुई  है और मिट्टी  में ही मिल जाता  है परन्तु  उनकी आत्माएं अनंत काल तक जीवित रहेंगी।  

 

प्रार्थना की ताकत

 

हर इंसान में पूजा करने की इच्छा प्रभु को पाने की इच्छा होती है।जब भी हम उपासना के कार्य में प्रवेश करते हैं,हम उसका हिस्सा बन जाते हैं,और जिससे हम आराधना करते हैं,हमारा गहरा सम्बन्ध स्थापित हो जाता है।अगर हम जुनून से भरे जीवन की कल्पना करते हैं तो हमारी प्रभु भक्ति भी उच्चतम स्तर की होनी चाहिए।

         

प्रत्येक इंसान ईश्वर से कुछ पाने के लिए उससे जुड़ता है अपने कार्य में सफल होने के लिए पूजा पाठ करता है उसके साथ निरंतर प्रकिर्या से जुड़ा रहता है,परमेश्वर हमेशा के लिए रहेगा और यद्यपि लोगों के शरीर धूल में मिल जाते हैं,उनकी आत्माएं अनंत काल तक जीवित रहेंगी।


जहां पर क्लेश व लड़ाई झगडे होते है वहां परमात्मा कभी निवास नहीं करते।अगर परमात्मा को पाना है तो सब के साथ प्रेम से रहना चाहिए। परमेश्वर को वहीं इंसान प्रिय होते है जिनका मन गंगाजल की तरह पवित्र होता है और दूसरों के लिए जिनके अंदर ममता,सदभावना हो जो दूसरों को कष्ट पहुंचाने की सोच भी नहीं सकता।

 

आज का इंसान धन के पीछे इस कदर भटक गया है कि उसको और कुछ नजर ही नहीं आता।धन के सामने उसको परमात्मा भी नजर नहीं आता उसके लिए धन दौलत ही सब कुछ है।उसको यह तक भी ख़्याल नहीं रहता कि इस धन दौलत के चक्कर में वह अपना बहुमूल्य जीवन नष्ट करने में लगा हुआ है। 

 

परमात्मा ने इंसान को अपना जीवन सफल बनाने के लिए उसे इस धरती पर भेजा है ताकि वह मोक्ष प्राप्त कर जन्म मरण के बंधनों से मुक्ति प्राप्त कर सकें। इंसान को अपना जीवन प्रभु प्रेम में लगाना चाहिए।उसको अपना जीवन व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए क्योंकि परमेश्वर ही सत्य है।यह संसार नशवर है। 

 

नीचे आपको{5}विशिष्ट प्रार्थनाएँ देखने को मिलेंगी जिनपर परमेश्वर का ध्यान जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक प्रार्थना के लिए एक स्पष्टीकरण और पवित्रशास्त्र है। भगवान से पूछो:



1)मेरी आँखें खोलें जो मैं आपके पास पहले से उपलब्ध संसाधनों को देख सकता हूं। आप ईश्वर से आपको कुछ चीजें,लोगों और स्थितियों को देखने के लिए अपनी अंतर्दृष्टि देने के लिए
प्रार्थना कर रहे हैं ताकि आप उनका उपयोग करके उनका सम्मान कर सकें और अपने ईश्वर प्रदत्त उद्देश्य में आगे बढ़ सकें। 

                      

परमात्मा की प्राप्ति के उपाय कैसे हो ? {5} विशिष्ट प्रार्थनाएँ
 
2)"मुझे आपके दिल और हाथों का एक विस्तार बनने में मदद करें, जिन्हें आपके करीब आने की जरूरत है।" आप भगवान से आपके लिए लोगों तक पहुँचने में मदद करने के लिए कह रहे हैं। 


3)"मेरे सप्ताह और दिनों की योजना के अनुसार मुझे मार्गदर्शन करें कि मैं आपका सम्मान करूँ।"जब आपको योजना बनाने की आवश्यकता होती है,तो आप चाहते हैं कि यदि आवश्यक हो तो भगवान आपकी योजनाओं में बदलाव करें।


4)"मेरे प्रलोभनों को सर्वश्रेष्ठ विकल्पों के साथ बदलें जो आपको सम्मानित करेंगे।"यदि आप प्रलोभन से जूझते हैं, तो आप निवेदन कर रहे हैं कि ईश्वर आपको बच निकलने या अंततःआपके प्रलोभन को दूर करने की शक्ति देता है। 


5)"आपने मुझे जो दिव्य कार्य सौंपा है, उसे पूरा करने के लिए मुझे अनुग्रह प्रदान करें।"आप चाहते हैं कि ईश्वर आपको वह शक्ति प्रदान करे जो उसने बनाई है और करने के लिए आपको प्रेरित किया है।


प्रार्थना के दौरान, भगवान चाहते हैं कि हम अपने मुद्दों से परे जाएं और दूसरों की जरूरतों पर ध्यान दें।मैं यह कहता हूं क्योंकि बहुत से लोग आप से भी बदतर हालत में हैं। इस कारण से, भगवान को प्रार्थना में श्रम करने के लिए अपने बच्चों की आवश्यकता होती है।जबकि आपको प्रार्थना में चौबीस घंटे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है,आपकी प्रार्थना में पदार्थ होना चाहिए, उद्देश्य होना चाहिए, और भगवान का सम्मान करना चाहिए।


 

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