यह ब्लॉग खोजें

2021-02-25

|Best Tips| आपकी वाणी कैसी होनी चाहिए |Kabir ki vani|Sant Kabir

 

आपकी वाणी कैसी होनी चाहिए इस पर आपको कई प्रकार के तथ्य मिल जायेंगे किसी ने सही कहा है कि मनुष्य को ऐसी मीठी वाणी बोलनी चाहिए जिससे दूसरे सुनकर खुश हो जाए।  

 

"ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए औरन को शीतल करे आपहु शीतल होय " 

 

हमें अपने जीवन में हमेशा ऐसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए जिससे दूसरे हमसे खफा ना हो अपितु हमसे प्यार करे। इससे हमें भी अंदर से खुशी महसूस होगी।कटु वचन किसी से न बोलेंकटु वचन का प्रयोग न करें

 

|Best Tips| आपकी वाणी कैसी होनी चाहिए ?


इंसान को अपने जीवन में कभी भी ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए जिससे दूसरे लोगों का दिल आहत हो जाए।यदि आप ग़लत शब्दों का प्रयोग करते हो तो उसका खामियाजा आपको भविष्य में सहन करना पड़ता है। 

 

मीठी-मीठी बातों से आप सभी का दिल आराम से जीत सकते हैं।मीठी वाणी बोलने वालों से हर कोई मेल मिलाप करना चाहता है। 


मीठी वाणी का महत्व

 

यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपकी वाणी कैसी हो,सही एवं उचित शब्दों का प्रयोग करने वाला व्यक्ति दुश्मन को भी अपना मित्र बना लेता है। 

 

ऐसे व्यक्तियों के दुश्मन ना के बराबर ही होते है।कुछ ऐसे लोग भी होते है जो मीठा मीठा बोलकर आपसे अपना काम निकलवा लेते हैं और बाद में आपको धोखा दे देते हैं ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। 


ऐसा होने से आप बड़ी मुश्किल में पड़ सकते हो।मीठी मीठी बातें करने वाला व्यक्ति जरूरी नहीं है कि वो आपका हमदर्द हो।

 

वह ऐसे बातें करके आपसे आपका सारा भेद ले जाता है और अपना मतलब निकलने पर आपको अकेला छोड़ जाता है।ऐसे लोग दुश्मनों से कम नहीं होते।ऐसे व्यक्ति ऊपर से मीठा मीठा बोलकरअपने आपको अच्छा दिखाने का ढोंग करते हैं और अंदर से छल-कपट भरा होता हैं। 


मीठी बात"केवल अच्छा लगने वाला नहीं है,बल्कि यह जीवन और अस्तित्व में वास्तविक मूर्त शक्ति और समृद्धि पैदा करता है। इसलिए,मैं पुरानी "मीठी बात" को दोहराता हूं जो हमेशा नए युग में भी काम करती है:धैर्य,  और पुनरावृत्ति है।

 

प्रभु का सिमरन:-पढ़े 


इस तरह के व्यक्तियों की पहचान करना बहुत मुश्किल हो जाता है और उनसे सतर्क होने का अवसर भी नहीं मिल पाता।इस तरह के व्यक्तियों से बचने का एक उपाय है कि किसी के भी ऊपर जल्दी विश्वास मत करो। उनकी मीठी मीठी बातों में जल्दी मत आओ।उनको समझो परखो और उनकी बातों को ध्यान से सुनो।अगर आपको लगता है कि उनकी बातों में सच्चाई है तब उनकी बातों पर अमल करो।

 

दयालुता आशीर्वाद है और हम बस कल्पना कर सकते हैं कि सुखद शब्दों को सुनना कैसा लगता है-वे"एक मधुकोश की तरह हैं,शरीर को आत्मा और स्वास्थ्य को मिठास" प्रदान करने वाला है।हम सभी के साथ दया से पेश आना पसंद करते हैं।

 




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

If you have any doubt Please let me know

Popular Posts