यह ब्लॉग खोजें

2021-02-25

बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर विचार विस्तार|कबीर के दोहे

"बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर "


खजूर के पेड़ की लंबाई तो बहुत होती है परंतु उससे पंछी को छाया नहीं मिलती और ना ही उस पर लगा फल  आसानी से मिल पाता है अर्थात उसकी छाया में बैठने पर भी आपको छाया नहीं मिलेगी हमें अपने जीवन को ऐसा  नहीं बनाना चाहिए जिससे हम किसी की मदद ना कर सके।हमारा जीवन ऐसा होना चाहिए जोकि दूसरों के काम आ सके


बड़ा होने से कुछ नहीं होता। मनुष्य का दिल❤️ बड़ा होना चाहिए। उसके अंदर दूसरों के लिए सेवा, प्यार😘 और दया होनी चाहिए।


                                    
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर विचार विस्तार


किसी की चुगली करने से क्या होता है


आज के युग मे हम इतने स्वार्थी हो गए हैं कि हमे इस बात से भी कोई फर्क नहीं पड़ता की अपना काम हल करने के लिए हम किसी और का नुक्सान कर रहे हैं।


निंदा चुगली ना जिसको सुहावे बुरी संगत ना जिसको भावे सत्य संगत ही जिसको पसंद है उसे हर पल आनंद ही आनंद है।


हमारा ज्यादा तर खाली  समय औरो की चुगली करने मे निकल जाता है उसके घर क्या हो रहा है हमारे मोहल्ले से कोई नयी खबर है क्या बस इन्ही बातों में हमारा खाली समय व्यतीत हो जाता है कोशिश करें अपने को व्यस्त रखने की इधर उधर की ताकझांक से कोई लाभ नहीं ।

 

किसी जरूरत मंद की मदद करें यह मदद किसी भी रूप मे हो सकती है हो सकता है की वो इंसान जिसकी आप मदद करना चाहते है वह भूखा हो तोह उसे खाना खिलाएं ,उसे कोई शारीरिक कष्टी हो तो उसे कुछ अनुदान दे या किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करवा दे

 

अगर आप यह नहीं कर सकते तो अपने बच्चों की पुरानी किताबें जो उनके यूज़ की न हों किसी जरूरत मंद बच्चे को दे सकते हैं अपने खाली समय मे उसे ट्यूशन दे सकते हैँ जिसे वह वहन  नहीं कर सकता जिससे उस बच्चे का भविष्य भी आपकी बदौलत सुधर सकता है और आप देखेंगे की आप ऐसे जरूरत मंद लोगो की मदद करके मानसिक शांति और सुख का अनुभव करेंगे ।


अगर हम किसी की मदद करने के लिए हाथ आगे बढ़ाएंगे तो और लोग भी आप को देख कर प्रेरित होंगे उनमे भी मदद करने की इच्छा जागृत होगी । 

 

यह जरूरी नहीं की किसी को आपकी मदद का इंतज़ार है ,हो सकता है कल को वक्त करवट ले और आप भी  मुसीबत मे हों और आपको भी मदद की जरूरत हो तो आपके साथ कौन खड़ा होगा इस पर भी विचार करना लाज़मी है व्यक्ति को कहीं भी किसी भी वक्त दूसरे की मदद की जरूरत पड़  सकती है 





अभी पिछले साल Covid-19 की वजह से मजदूर और गरीब तबका ज्यादा प्रभावित हुआ उन्हें अपना रोजगार छोड़ कर अपने अपने गांव शहरो की तरफ पलायन करना पड़ा क्योकि ज्यादातर काम धंधे बंद हो चुके थे  होने के कगार  पर थे जो अपने मजदूरों को तनख्वाह भी नहीं दे पा रहे थे ऐसी स्थिति मे कुछ सहायता समूहों द्वारा,कुछ घरों द्वारा मानवीयता का परिचय देते हुए उन लोगो की मदद की उन्हें खाना दिया गया रहने के लिए जगह दी गयी उन्हें उनके घर तक  पहुंचाने के लिए यातायात के साधनो का इंतज़ाम किया गया क्योंकि सरकार द्वारा lockdown घोषित किया गया था इससे अच्छा मानवता का उदाहरण शायद ही कोई देखने को मिले ।


इसलिए संगठित रहें और एक दूसरे की मदद  करने का प्रण लें और ख़ुशी ख़ुशी अपना जीवन व्यतीत करें जिससे आपके जीवन मे खुशहाली और तरक्की आएगी ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

If you have any doubt Please let me know

Popular Posts