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2021-02-25

सोच समझकर कार्य करें +बिना सोच विचार काम करने से क्या होता है

 

कोई भी काम करो,सोच समझकर ही करो अन्यथा पछताने के सिवाय कुछ हाथ नहीं लगता और यह पछतावा सारी उम्र रहता है ।

 

"अब पछताय होत क्या,जब चिड़िया चुग गई खेत"।

 

सोच समझकर कार्य करें +बिना सोच विचार काम करने से क्या होता है

                             

जो काम बिना सोचे समझे किए जाते हैं वो काम कभी सफल नहीं होते।उन कार्यों में कुछ ना कुछ त्रुटि जरूर रह जाती है।जिसके कारण आपका कार्य पूरा नहीं हो पाता और आप हताश और निराश हो जाते हो।

       


आप अपने जीवन में चाहे कोई भी काम कर रहे हो वह छोटा हो या बड़ा हर काम को पहले अच्छे से समझ लें। उसके बाद वह कार्य करना शुरू करें।जो काम सोच समझकर किया जाता है उस काम में सफलता अवश्य मिलती है।


"काल करै सो आज कर,आज करै सो अब,पल में  प्रलय होएगी,बहुरि करेगा कब"।

 

समय बीत जाने पर आप कोई भी काम करते हो उस काम में सफलता ना मिलने पर आपके पास पछताने के सिवाय कुछ नहीं रह जाता।

                        

 

सूझ बूझ से और योजना के तहत कार्य करने वाला व्यक्ति बड़े से बड़े काम को आसानी से कर सकता है। अपने कार्यो की योजना बनायें और उनको पूर्ण करने के लिए यथासंभव प्रयास करें,तो आप देखेंगे योजनायुक्त  कार्य करने वाला व्यक्ति कभी भी जीवन में असफल नहीं हो सकता बिना योजना के तो हार पक्की है जो आपके अंतर्मन को झकझोर कर रख देगी फिर मनुष्य के लिए  दुनिया का कोई भी ऐसा काम नहीं रह जाता जिसे वह कर ना सके।वह दुनिया की ऊंची-ऊंची बुलंदियों को छू सकता है।


किसी भी काम को करने के लिए व्यक्ति के अंदर सब्र और उत्साहवर्धक विचार का होना जरूरी है यदि उसके भीतर सब्र नहीं है तो उसके बनते हुए काम भी बिगड़ जाते है।


जो काम जिस समय पर करने का होता है उसे उसी समय पर करने की कोशिश करें ताकि बाद में आपको किसी बात का पछतावा ना करना पड़े।


जिंदगी के दरवाजे पर सफलता के अवसर कभी कभी दस्तक देते है उन अवसरों को कभी छोड़ना नहीं चाहिए वरना आपके पास हाथ मलने  के सिवाय कुछ नहीं रह जाता।

 

जब आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल होते हैं तो क्या होता है?

 

आप बड़े लक्ष्य निर्धारित करने से बचना शुरू करते हैं क्योंकि आप असफल नहीं होना चाहते।आप व्यावहारिक होनेऔर प्राप्त लक्ष्यों को निर्धारित करने की आवश्यकता के बारे में बात करना शुरू करते हैं।आप खुद पर विश्वास खोने लगते हैं।आपको लगने लगता है कि आप असफल हैं।


आप  विश्लेषण करते हैं कि क्या गलत हुआ? असफलता से बचने के लिए क्या किया जा सकता था?अपनी योजना या कार्रवाई प्रक्रिया में आपको क्या बदलाव करने चाहिए,ताकि आपके लक्ष्य सार्थक और चुनौतीपूर्ण बने रहें और आप वास्तव में उन्हें प्राप्त कर सकें!



उपरोक्त विकल्पों में से आप किसे चुनते हैं?बेशक, असफल होने में कुछ भी गलत नहीं है।यह हर किसी के साथ कुछ समय या दूसरे के साथ होता है।

 


कुछ लोगों के लिए, किसी बड़े लक्ष्य में विफलता का अर्थ हैशर्मिंदगी,निराशा,चेहरे कीहार,सम्मान कीहानि,निराशा और पहले से ही कम आत्मसम्मान के सुदृढीकरण। उन बड़े लक्ष्यों से बचने के लिए पर्याप्त बड़े कारण-"प्राप्त लक्ष्यों"को देखने के लिए पर्याप्त कारण और लक्ष्य "प्राप्त करने योग्य"होने का औचित्य साबित करने के लिए।      

  

सोच समझकर कार्य करें +बिना सोच विचार काम करने से क्या होता है

मेरा मानना यह है कि असफलता सफल होने का मार्ग है जब हम किसी कार्य में असफल होते हैं निराश होने हमें उस कार्य पर दुगनी सूझबूझ और कार्य कुशलता व् क्षमता से प्रहार करना चाहिए यक़ीनन जीत आपकी ही होगी 

 

खुद को प्रेरित करने के लिए आपने जो दूरी तय की है, उससे प्रेरणा प्राप्त करें।वास्तविक सफलता रचनात्मक सोच,सावधानीपूर्वक योजना और कड़ी मेहनत के माध्यम से आएगी। 

 

 

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