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2021-05-23

Black Fungus | Mucarmycosis | क्या है ?



                                    

काला कवक या |फफूंदी|


काला कवक या ब्लैक फंगस बहुत ही घातक बीमारी है इसका दूसरा नाम Mucarmycosis है

 

यह बीमारी फंगस या फफूंद से फैलती है यह भी कोरोना वायरस की तरह संक्रमण की बीमारी है यह फंगस वातावरण में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है

 

आमतौर पर देखा जाये तो इस बीमारी से उन लोगों को खतरा नहीं है जिनकी रोगो से लड़ने की क्षमता अच्छी है ये फंगस हवा में मौजूद होता है और ऐसे लोगों को संक्रमित करता है जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है

 

कोरोना वायरस के बाद लोगों की जान पर काला कवक या फफूंदी - Black Fungus बीमारी आफत बनी हुई है जिसको यह हो जाती है उसकी जान खतरे में पड़ जाती है डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर जैसी असाध्य बीमारी में लोगों की जान जाने में कुछ वक्त कुछ महीने या साल लग जाते हैं,परन्तु इस बीमारी में इंसान की कुछ दिनों में ही मृत्यु हो जाती है

 

यह एक दुर्लभ बीमारी है पहले समय में यह किसी किसी व्यक्ति में पाई जाती थी परन्तु कोरोना काल में यह बीमारी शीघ्रता से अपने पॉव फैला रही है ट्रांसप्लांट करवाने वालों पर भी ब्लैक फंगस से संक्रमित होने काखतरा रहता है।इस बीमारी के कारण कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है


यह देश के कई राज्यों में फ़ैल चुकी है और भयंकर रूप धारण करती जा रही है इन राज्यों में दिल्ली, गुजरात हरियाणा,राजस्थान,महाराष्ट्र,बिहार,ओड़िशा,तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेशऔर धीरे धीरे और राज्यों में भी फैलती जा रही है ब्लैक फंगस या काला कवक ने पूरे देश में हाहाकार मचा रखा है देश अभी कोरोना जैसी घातक बीमारी से अभी निजात नहीं पा सका है ऊपर से यह एक और खतरनाक और जानलेवा बीमारी पैर पसारती जा रही है

 

ब्लैक फंगस उन लोगों पर अपना प्रभाव  डाल  रहा है  जिनके Immune System कमजोर है यह उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है जिन लोगो को शुगर या Diabetes है वे इस रोग से ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं इस रोग के कारण आंख की नसो के पास फंगस इन्फेक्शन जमा हो जाता है जो सेंट्रल रेटिनल आर्टरी का रक्त परवाह बंद  कर देता है जिससे आँखों की रोशनी चली जाती है जिन लोगों को कोरोना हुआ है या इससे ठीक हुए है उनमे यह संक्रमण ज्यादा पाया जा रहा है 


ब्लैक फंगस शरीर को कैसे प्रभावित करता है?


यह नमी वाली जगह पर उत्पन्न होता है खासकर नाखूनों के नीचे इस प्रकार का वातावरण इस के लिए आदर्श होता है मिट्टी में इसकी मौजूदगी ज्यादा होती है।बागवानी करते समय आपको हमेशा सुरक्षात्मक दस्ताने पहनने चाहिए और अपने पौधों की देखभाल करने के तुरंत बाद अपने हाथ धो लेने चाहिए ।

 

यदि आपके नाखूनों के पास कोई कट या घाव है तो ब्लैक फंगस संक्रमण अधिक आसानी से शुरू हो सकता है, इसलिए आपको इन घावों पर तुरंत उपचार करना होगा

 

आँख नाक के जरिये यह फंगस दिमाग तक पहुँच जाता है और रास्ते में आने वाली हड्ड़ी या त्वचा को नुकसान पहुंचाता है या नष्ट कर देता है जिससे मृत्यु हो सकती है 


लखनऊ के वरिष्ठ डॉक्टर एम.बी सिंह का मानना  कि यह बीमारी खतरनाक है परन्तु इससे ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि अधिकतर यह बीमारी उन मरीजों को अपना शिकार बना रही है जो ज्यादा समय तक ऑक्सीजन या वेंटीलेटर पर रहते हैं और जिनकी Diabetes अनियंत्रित है

 

अमेरिकन CDC(Centers For Disease Control) के अनुसार ब्लैक फंगस दुर्लभ बीमारी है जो फंगी के समूह के कारण  होती है ये साइनस और फेफड़ो पर अपना प्रभाव डालती हैअगर आपकी नाक बंद है तो इसे साइनेसाइटिस समझनें की गलती न करें।अगर यह बीमारी नाक के जरिये दिमाग तक पहुँच जाती है तब इसका इलाज कारगर नहीं है

  

काला कवक बीमारी के लक्षण


  • आँखों में लाल पन या दर्द होना
  • आँखों से पानी आना
  • बुखार और खांसी आना
  • पलकें सूजने लगें
  • सिर में दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • साफ़ साफ़ दिखाई न देना
  • उल्टी होने पर उसमे खून का होना
  • नाक पर काली पपड़ी आना
  •  गालों पर सूजन होना
  • चेहरे का रंग बदलने लगे  
  • चेहरा सुन्न पड़ जाना
  • चेहरा फूल जाना और एक हिस्से में दर्द हो 
  • मानसिक स्थिति मे बदलाव होना आदि इसके लक्षण हैं

 

डॉक्टरी परामर्श के बाद  Culture, MALDI-TOF,KOH Staining & Microscopy जाँच करवाएं।

 

इसके बढ़ने के क्या कारण हैं?


इसके बढ़ने के तीन निम्न प्रमुख कारण हैं

 

1 कोरोना

2 स्टेरॉइड्स 

3 अनियंत्रित Diabetes 

 

1.जो लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं उनमे काला कवक के लक्षण पाए जाते हैं


2.कोरोना के इलाज में Steroids का ज्यादा इस्तेमाल  इस बीमारी के बढ़ने का मुख्य कारण है क्योंकि इसका ज्यादा इस्तेमाल प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है

 
3.Diabites के मरीजों
पर इसका खतरा जानलेवा होता है ब्लैक फंगस का ऐसे मरीजों पर दोगुना खतरा होता है क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में रोगो से लड़ने की क्षमता बहुत कमजोर होती है हड्डिया भी ज्यादा कमजोर हो जाती है जिससे यह बीमारी ऐसे मरीजों को ज्यादा शिकार बनाती है अभी तक उपरोक्त कारण ही सामने आए हैं हो सकता है भविष्य में और भी कई कारण हो।

 

काला फफूंद से बचने के उपाय

 

  • ब्लैक फंगस बीमारी का सिर्फ एक इलाज है वह  है   सतर्कता और सावधानी इसके लक्षणों को पहचान कर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते इसका इलाज संभव हो सकेकोरोना से मरीजों को इसके लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है


  • अगर मरीज ऑक्सीजन या वेंटिलेटर पर है तो उनके ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर प्रणाली फंगस मुक्त और सैनीटाइज़्ड  होने चाहिए।

 

  • ऑक्सीजन सिलेंडर ह्यूमिडिफायर में स्ट्रेलाइज वॉटर का उपयोग करना चाहिए।
  • अपने खून में डायबिटीज की मात्रा को कण्ट्रोल रखें 

 

आशा  करते हैं कि ब्लैक फंगस बीमारी से सम्बंधित लेख आपको पसंद आया होगा और आप भी इसे लेकर सावधानी और सतर्कता बरतेंगे




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