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2021-02-08

सफलता के मूल मंत्र | 3 |



सफलता पाने के लिए क्या करना होगा ?

यदि आप सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो उसको  प्राप्त करने के संबंध में अलग-अलग उत्तर मिलेंगे। वास्तव में  सफलता अपने निशान छोड़ती है और जिससे आप उस फील्ड में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।  

 

तैयारी,कड़ी मेहनत और असफलताओं से सीखने के परिणामों से सफलता को पाया जा सकता है। 


मेहनत 👌करो ऐसे की आदत बन जाए और सफलता आपके कदम👣 ख़ुद पे खुद चूम👄 जाए।



एक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि विकसित करें एक उद्देश्यपूर्ण दृष्टि उस की खोज है जो आपके सबसे गहरे स्व के साथ प्रतिध्वनित होती है। दूसरों के लिए यह तुच्छ या समय की बर्बादी लग सकता है।आपके लिए,यह अपने उद्देश्यपूर्ण स्व से जुड़ने का एक अवसर है-इसे दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाएं। सफल होने का आपका दृढ़ संकल्प इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितने मजबूत हैं?

सफलता के {3} मूल मंत्र क्या हैं जानें ?
              

आइये जानते हैं सफलता के मूल मंत्र क्या हैं ?

 

1.प्रेरणा:-

प्रेरणा सफलता प्राप्त करने का पहला कदम है। किसी वस्तु से प्रेरित व्यक्ति ही उस वस्तु को पा सकता है क्योंकि उसका उद्देश्य उस वस्तु को प्राप्त करना होता है।

                    
                                                    

आपको हर वस्तु के ठीक होने की प्रतीक्षा  नहीं करनी होगी। पहले कदम से प्रारंभ कर दे और आगे बढ़ते रहें।  सफलता एक रात में नहीं पाई जा सकती,उसके लिए आपको हर वक्त तैयार रहना होगा।आपको अपनी इच्छा के अनुसार सफलता प्राप्त करने के लिए दिन रात एक करना होगा। 

 

उन विचारों की पहचान करें जिनसे प्रेरणा मिलती है: ऐसा लगता है कि आजकल जीवन अस्तित्व की लड़ाई बन गया है। पृष्ठभूमि के बीच, प्रेरणा पीछे हट जाती है क्योंकि मन 'प्रेरित' के बजाय 'अस्तित्व मोड' में फंस जाता है। अपने गहन आत्म के साथ प्रतिध्वनित न होने वाले विचारों को बाहर निकालने की प्रेरणा आपके जीवन में अपना रास्ता बनाने की अनुमति देती है। 

 

अभाव या मर्यादाहीनता के विचारों को त्यागने की प्रेरणा दें।उन विचारों को छोड़ दें जिनका अब आपके दिमाग में कोई स्थान नहीं है। यह रातोंरात नहीं होगा।

 

अपनी दृष्टि को उस लक्ष्य की ओर निर्धारित करे जिसे आप प्राप्त करना चाहते हैं और उस पल का इंतजार करें जब वह अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक देगा।

  

2 सीखना :-

सफल लोग कभी भी असफलता से घबराते नहीं है ,बल्कि उन असफलताओं से कुछ ना कुछ सीखते हैं और उन असफलताओं को सफलताओं में बदल देते हैं।हम इस दुनिया से कुछ ना कुछ सीखते हैं,कुछ सही कुछ ग़लत।            

 

सफलता के {3} मूल मंत्र क्या हैं जानें ?

परन्तु सफल इंसान उसी को माना जाता है जो अपनी गलतियों से कुछ सबक लेता है और उन गलतियों को दोबारा ना दोहराते हुए सफलता प्राप्त कर लेता है।

 

अपने जुनून की खोज करें और उद्देश्य के साथ जुड़ें:आप किस चीज के बारे में सबसे ज्यादा भावुक हैं? ऐसा क्या है जो आपकी आत्मा को उत्तेजित करता जो लोग जुनून और उद्देश्य पाते हैं वे अपने पूरे जीवन में संतुष्टि, आनंद अनुभव करते हैं। 

 

उनकी आत्मा जीवित है।खुशी सार्वभौमिक बुद्धिमत्ता का विस्तार बन जाती है,जो आपके माध्यम से बहने वाली इस जीवन-शक्ति के संघटन के रूप में कार्य करती है।


 3 कठिन कार्य:-

किसी भी सफलता को पाने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है। क्योंकि कड़ी मेहनत से ही बड़े से बड़े कठिन काम को सरलता से किया जा सकता है। आप कड़े परिश्रम से अपने चरित्र का निर्माण कर और महानता प्राप्त कर सकते हैं। 

 

जो भी काम आप अपने हाथो में लेते है उसके लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होती है।खूब मेहनत करो और तरक्की पाओ।सही कार्य का चुनाव करें और सही तरीके से करें। साहसी कार्य करें। तभी आप काम लंबे समय तक कर पाएंगे और अपने भविष्य को संवार पाएंगे।


किसी ने ठीक ही कहा है:-"  परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

 


      

प्रेरणा,कड़ी मेहनत और सीखना, सफलता को पाने के ये तीन स्तंभ है। इन तीनों को प्राप्त करके व्यक्ति अपने भविष्य को उज्जवल बना सकता है।

 

 

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